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मुंबई | अक्टूबर 4, 2021
तन्तुहीन रूप से (वायरलेस) संचालित संचार नेटवर्क की ऊर्जा दक्षता का अभिवर्धन

शोधकर्ताओं ने एक नया कृत्रिम प्रज्ञा ()समर्थ अल्गोरिद्म विकसित किया है जो तन्तुहीन (वायरलैस ) रूप से संचालित संचार जालक (नेटवर्क) की ऊर्जा दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि करता है।

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मुंबई | अक्टूबर 4, 2021
तन्तुहीन रूप से (वायरलेस) संचालित संचार नेटवर्क की ऊर्जा दक्षता का अभिवर्धन

शोधकर्ताओं ने एक नया कृत्रिम प्रज्ञा ()समर्थ अल्गोरिद्म विकसित किया है जो तन्तुहीन (वायरलैस ) रूप से संचालित संचार जालक (नेटवर्क) की ऊर्जा दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि करता है।

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मुंबई | सितंबर 14, 2021
सुदूर क्षेत्रों में सौर माइक्रोग्रिड, दीर्घकालिक एवं स्वच्छ ऊर्जा स्रोत

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई के शोधकर्ताओं ने सिक्किम के एक ऊंचाई वाले स्थान में एक सौर माइक्रो-ग्रिड स्थापित किया है।

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मुंबई | मई 7, 2021
प्रतिकर्षी रंग से लेपित सतहों पर द्रव की प्रतिक्रिया

शोधकर्ताओं ने यह अध्ययन किया कि जल उन सतहों पर किस तरह प्रवाहित होता है जो उसे अत्यधिक विकर्षित करता  है।

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Bengaluru | सितंबर 18, 2020
आप श्वास ले रहे हैं कि विषपान कर रहे हैं? वायु प्रदूषण भारत में मृत्यु का एक प्रमुख कारण है,  एक अध्ययन से पता चला है.

आजकल का अदृश्य हत्यारा, वायु प्रदूषण, आज एक प्रमुख वैश्विक स्वास्थ्य के जोखिम के रूप में हमारे सामने है, जिसने निम्न और मध्यम आय वाले देशों को अधिक प्रभावित किया है। दुनिया के 15 सबसे प्रदूषित शहरों में से 14 अकेले भारत में ही  हैं। इसके उचित समाधान हेतु विभिन्न राज्यों में वायु प्रदूषण के स्तर और प्रभाव को समझने के लिए एक राष्ट्रव्यापी व्यापक अध्ययन आवश्यक था। “लैनसेट प्लैनेटरी हेल्थ” नामक शोध-पत्रिका में प्र

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गुजरात | जून 6, 2020
टीबी या क्षय रोग से लड़ने के लिए नई दवाओं पर शोध

टीबी या क्षय रोग, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है, दुनिया भर में मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। अकेले २०१७ में, दुनिया भर में १ करोड़ लोग इस बीमारी से प्रभावित थे, और लगभग १६ लाख लोगों ने इसकी वजह से दम तोड़ दिया। कई मौजूदा दवाओं के प्रतिरोध विकसित करने वाले बैक्टीरिया के कारण, भारत जैसे देशों में यह स्थिति गंभीर हो रही है। हाल ही के एक अध्ययन में, वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय, गुजरात के शोधकर्ताओं ने ट्यूबरक्लोसिस  के खिलाफ कुछ संभावित दवाओं का विकास किया है और टीबी बैक्टीरिया और अन्य रोगाणुओं के प्रतिकूल उनकी दक्षता का पर

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धनबाद | मई 15, 2020
प्रकाश आधारित संवेदक के द्वारा रक्त शर्करा की निगरानी

एक नवीन अध्ययन के अंतर्गत भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (भारतीय खनि विद्यापीठ), धनबाद के शोधकर्ताओं ने रक्त में शर्करा की निगरानी हेतु एक प्रकाश आधारित रक्त शर्करा संवेदक विकसित किया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि  यह रक्त-शर्करा (रक्त में स्थित ग्लूकोज की मात्रा) को १० से २०० मिग्रा की विस्तृत सीमा तक माप सकता है। एक स्वस्थ वयस्क के लिए खाली पेट की स्थिति में रक्त शर्करा का औसत स्तर ७० से १२० मिलीग्राम/डेसीलीटर तक होता है।

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नई दिल्ली | मई 11, 2020
भारत में तापमान बढ़ने से फसल उत्पादन के लिए खतरा हो सकती है।

भारत में तापमान बढ़ने से फसल उत्पादन के लिए खतरा हो सकती है।

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मुंबई | फ़रवरी 24, 2020
दवा-प्रतिरोधी क्षय रोग के खिलाफ लड़ाई में बाधाएँ

क्षय रोग के प्रसार को नियंत्रित करना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती रही है, क्योंकि क्षय रोग के विश्व के एक चौथाई से ज़्यादा मामले यहाँ मिलते हैं। क्षय रोग बैक्टीरिया में तेज़ी से दवा-प्रतिरोध के चलते यह स्थिति और ज़्यादा बढ़ गई है। २०१७ तक, भारत में, बहुदवा-प्रतिरोधी क्षय रोग के १,४७,००० मामले दर्ज किए गए। हालाँकि सरकार ने इसे नियंत्रित करने के उद्देश्य से संशोधित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण जैसे कार्यक्रम की पहल की है लेकिन संतोषजनक परिणाम नहीं मिले हैं। दवा-प्रतिरोधी क्षय रोग का सामना कर रहे प्रति व्यक्ति की बाधाओं को समझकर इस बीमारी के प्रसार से निपटने का

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बेंगलुरु | जनवरी 20, 2020
एक आसान रक्त परीक्षण अब अकाल प्रसव का परीक्षण कर भारत में लाखों बच्चों की जान बचा सकता है

मनुष्यों में, एक स्वस्थ गर्भावस्था लगभग ४० सप्ताह तक रहती है। हालांकि, दुनिया भर में अनुमानित १.५ करोड़ बच्चों का जन्म लगभग ३७ सप्ताह से पहले ही हो जाता है। अपरिपक्व जन्मों से जुड़ी जटिलताओं के कारण प्रत्येक वर्ष लगभग दस लाख बच्चे मारे जाते है एवं यह पाँच साल से कम उम्र के बच्चों में मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। भारत में हर साल लगभग ३५ लाख बच्चे जन्म लेते हैं। भ्रूण के विकास को समझने के लिए अल्ट्रासाउंड उपकरणों की कमी के कारण इनमें से कई बच्चों को गर्भावस्था में सही देखभाल प्राप्त नहीं होती।

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